खेल सम्मान समारोह में बोले राठौड़— आधुनिक खेल में फिटनेस के साथ साइकोलॉजी, न्यूट्रिशन और स्पोर्ट्स साइंस भी अहम
जयपुर, 8 अगस्त। राष्ट्रमंडल खेल 2026 सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर राजस्थान का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में शनिवार को आयोजित सम्मान समारोह में खेल एवं सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि आज खेल का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। अब सफलता केवल शारीरिक क्षमता से नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, बेहतर पोषण और सुनियोजित रणनीति के समन्वय से हासिल होती है।
मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित समारोह में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा लगातार कठिन होती जा रही है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में अब साइकोलॉजिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल में केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि स्मार्ट वर्क, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और सही रणनीति भी सफलता की कुंजी हैं।
“तिरंगा सबसे ऊपर लहराता है, तो गर्व से भर जाता है मन”
कर्नल राठौड़ ने कहा कि किसी खिलाड़ी के लिए सबसे गौरवपूर्ण क्षण वह होता है, जब विदेशी धरती पर उसकी जीत के बाद भारत का राष्ट्रगान बजता है और तिरंगा सबसे ऊंचा लहराता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि वे पूरे देश के गौरव से जुड़ी होती हैं।
उन्होंने पदक विजेताओं की सफलता में उनके माता-पिता, परिवार, मित्रों, प्रशिक्षकों और स्कूलों के पीटीआई की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी के पदक के पीछे वर्षों की मेहनत होती है। कई माता-पिता अपने बच्चों को सुबह तड़के प्रशिक्षण के लिए लेकर जाते हैं और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार त्याग करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदला खेलों का परिदृश्य
कर्नल राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और व्यवस्था दोनों में व्यापक बदलाव आया है। खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) जैसी पहलों ने खिलाड़ियों को बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच उपलब्ध कराया है।
उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि खेल में केवल जीत और हार का अर्थ नहीं होता। उन्होंने कहा, “यहां हार नहीं होती, यहां जीत और सीख होती है।” उनके अनुसार प्रत्येक प्रतियोगिता खिलाड़ी को कुछ नया सीखने और अगली चुनौती के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर देती है।
राजस्थान में खिलाड़ियों के लिए बढ़ी सुविधाएं और पारदर्शिता
समारोह में कर्नल राठौड़ ने राजस्थान सरकार की ओर से खिलाड़ियों के लिए किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के लगभग ढाई वर्ष के कार्यकाल में खिलाड़ियों को ₹40 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है, जबकि लगभग ₹9 करोड़ की राशि प्रक्रिया में है, जिसे शीघ्र वितरित किए जाने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने खिलाड़ियों को दिए जाने वाले आउट ऑफ टर्न प्रमोशन में पारदर्शिता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार 186 आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिए जा चुके हैं, जबकि 134 प्रकरण प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को डिजिटल किए जाने से पारदर्शिता बढ़ी है और खिलाड़ियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
खिलाड़ियों के मोबाइल पर पहुंचेगी सूचना
कर्नल राठौड़ ने बताया कि खिलाड़ियों से जुड़े दस्तावेजों अथवा प्रक्रियाओं में यदि कोई कमी या दस्तावेज लंबित होगा, तो उन्हें नियमित रूप से WhatsApp के माध्यम से सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना है, ताकि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
खिलाड़ियों की डाइट पर भी फोकस
उन्होंने खिलाड़ियों के पोषण को खेल प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि मैदान पर बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को पर्याप्त और पौष्टिक आहार मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले कम लागत वाले टेंडर आधारित व्यवस्था के कारण पोषण की गुणवत्ता को लेकर चुनौतियां थीं, लेकिन अब खिलाड़ियों की डाइट को बेहतर बनाने की दिशा में नई व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
कर्नल राठौड़ ने कहा कि जो खिलाड़ी सुबह प्रशिक्षण करता है, दिन में पढ़ाई करता है और शाम को फिर अभ्यास में जुट जाता है, उसके लिए पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता वाला पोषण सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
खेलो इंडिया आयोजनों में राजस्थान की मजबूत मौजूदगी
कर्नल राठौड़ ने राजस्थान में आयोजित बड़े खेल आयोजनों और राज्य के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान ने पहली बार सात शहरों में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की मेजबानी की, जिसमें 222 विश्वविद्यालयों और लगभग 7,000 खिलाड़ियों ने भाग लिया।
उन्होंने यह भी बताया कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में राजस्थान ने देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां इस बात का संकेत हैं कि राजस्थान में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और उन्हें बेहतर अवसर तथा संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
समारोह के अंत में कर्नल राठौड़ ने पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि राजस्थान की युवा खेल प्रतिभाएं आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम और ऊंचा करेंगी।
सम्मान समारोह में खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ आधुनिक खेल व्यवस्था, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, बेहतर पोषण और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में राजस्थान की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई।











