
जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने जल जीवन मिशन (JJM) के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन की सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य समय पर हासिल किया जा सके।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन केवल आधारभूत ढांचा विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यशील नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने, प्रगति की सतत मॉनिटरिंग करने तथा लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में ‘सुजलम भारत आईडी’ तथा ‘हर घर जल प्रमाणीकरण’ से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इन दोनों गतिविधियों को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी पात्र परिवारों का सत्यापन एवं आवश्यक डिजिटल रिकॉर्ड समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रमाणित आंकड़े भविष्य की योजना निर्माण और सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाएंगे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जाए और जहां किसी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक या समन्वय संबंधी बाधा हो, उसका त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। राजस्थान में मिशन के अंतर्गत विभिन्न जिलों में पाइपलाइन विस्तार, जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण तथा पेयजल वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का उद्देश्य इन कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी ढंग से पूरा करना है, ताकि राज्य के ग्रामीण परिवारों को मिशन का पूरा लाभ मिल सके।











