
युवाओं को नशामुक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण में सहभागी बनाने के उद्देश्य से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने ‘विकसित भारत युवा कनेक्ट – नशा मुक्त एडिशन’ अभियान शुरू किया है। इस राष्ट्रीय पहल से 28 राज्यों के 150 कॉलेज जुड़ चुके हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें नशामुक्त भारत के संदेशवाहक के रूप में तैयार करना है।
इस पहल के तहत देशभर के कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र, छात्र-नेतृत्व वाले अभियान और सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है, साथ ही उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है, ताकि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने साथियों एवं समुदाय को भी इसके प्रति जागरूक करें। शैक्षणिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से यह पहल देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान का रूप ले रही है।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का कहना है कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘नशा मुक्त एडिशन’ के जरिए मंत्रालय युवाओं का ऐसा राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करना चाहता है, जो नशे की रोकथाम, सामाजिक जागरूकता और स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सके।
‘विकसित भारत युवा कनेक्ट – नशा मुक्त एडिशन’ सरकार की उस सोच को भी दर्शाता है, जिसमें युवाओं को राष्ट्र निर्माण का प्रमुख भागीदार माना गया है। देश के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को एक मंच पर जोड़कर यह अभियान सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित, स्वस्थ एवं नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा है।










